Doordarshan 2020 Movie Review

दूरदर्शन रुकावट के लिए खेद है “गगन पूरी” के निर्देशन में बानी एक ऐसी कहानी जो हमें 1990 मे ले जाती है पर ना चाह कर भी आप 2020 मे ही रह जाते है. यह दिल्ली के सुनील भटेजा(मनु ऋषि) के परिवार की कहानी है जो अपने दोसत गोल्डी(राजेश शर्मा) के घर पर किराया पर रहता है. भटेजा के परिवार मे माँ(डॉली अहलुवालीअ), बेटा(सनी), बेटी(स्वीटी) और बीवी(माहि गिल) है जो उसको तलाक देना चाहती है और नहीं भी. वैसे तो हसी मजाक के लिए ये पूरी स्टार कास्ट काफी है पर डायरेक्टर के हिसाब से इसमे कही कमी थी इस के लिए इसमे 2 करैक्टर और है पप्पी(सुमित गुलाटी) और बंटी(आदित्य कुमार) जिन के डायलॉग्स पर आप को कही कही हसी आ सकती है खास कर बंटी के डायलॉग्स पर जो की बहुत कम है.

Download Doordarshan Full Movie

दूरदर्शन स्टार कास्ट

  • Manu Rishi Doordarshan

    मनु ऋषि (सुनील भटेजा)

    काम:- थाइरोइड से जवान होना

  • Mahi Gill Doordarshan

    माहि गिल (बिल्लो)

    काम:- पति को तलाक देना

  • Dolly Ahluwalia Doordarshan

    डॉली अहलुवालीअ (माता जी)

    काम:- विमला का पता लगाना

  • Shardul Rana Doordarshan

    शार्दुल राणा (सनी)

    काम:- गोल्डी की बेटी है शादी करना

  • Rajesh Sharma Doordarshan

    राजेश शर्मा (गोल्डी)

    काम:- अपनी बेटी पर नज़र रखना

  • Mehak Manwani Doordarshan

    महक मनवानी (ट्विंकल)

    काम:- छत पर कपड़े सुखना

  • Sumit Gulati Doorsarshan

    सुमित गुलाटी (पप्पी)

    काम:- विमला का बेटा

  • Billo Bunty Doordarshan

    आदित्य कुमार (बुनती)

    काम:- बैंक ते लूडो का फ़ोन उठाना

क्या है कहानी

बहुत ही सीधे शब्दों मे कहो तू पूरी कहानी सुनील भटेजा की माँ के और विमला के इर्द गिर्द घूमती है वह 30 साल से कोमा मे है और सुनील चाहत है की उसकी माँ जल्द जल्द ठीक हो जाए. कहानी मे मोड़ जब आता है जब सनी और पप्पी दादी के कमरे मे विमला भाभी की मस्तराम की कहानी पढ़ रहे होते है और अच्चानक दादी को होश आ जाता है और वो विमल विमल बोल कर बेहोश हो जाती है यह से एंट्री होती है फिल्म के टाइटल की यानि की दूरदर्शन की कुय्की डॉक्टर के मुताबिक दादी को फिर से कोई सदमा नहीं लगना चाहिए तभी सुनील यह फैसला लेता है की वो अपनी माँ के लिए फिर से बच्चा बन जाए गा(यानि की 1989 का सुनील) और उस मे उस की मदद करता है “थाइरोइड” ये सुन के आप को कुछ अटपटा जरूर लग रहा होगा. फिल्म मे आगे क्या होता है और कहानी कहा जा कर ख़तम होती है उस के लिए आप को यह पूरी फिल्म देखनी पड़ेगी.

मेरी राय मे दूरदर्शन मूवी कैसी है.

कहानी अच्छी होने का ये मतलब कतई नहीं होता की आप ह्यूमर के नाम पर कुछ भी दिखाते रहे. 30 साल के 6 महीने कही से भी हजम नहीं होते, इसमे ऐसे छोटे छोटे डायलाग है जो आप को हजम नहीं होंगे पर ऐसा भी नहीं है की आप ये फिल्म नहीं देख पाएंगे. मेरी राय मे आप ये फिल्म देख सकते है बस एक बार.

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