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Bhonsle Director: Devashish Makhija

Bhonsle IMDB Rating: 7.1(597 Comment)

मनोज बाजपेयी "भोंसले" एक सवाल आखिर कब तक?

मनोज बाजपेयी मतलब कहानी और वो भी ऐसी जो आप को सोचने पर मजबूर कर दे. 

देवाशीष मखीजा के निर्देशन मे बनी भोंसले ऐसी कहानी है जो आप को अंदर तक झंझोर कर रख देगी, वैसे इस के लिए आप को कोरोना वायरस को धन्यवाद बोलना चाहिए क्योकि अगर ये फिल्म सिनेमा घर मे लगी होती तो शायद ही आप इसे देख पाते क्योकि ऐसी फिल्मो को सिनेमा घर ना के बराबर मिलते है. कहानी बहुत धीरे-धीरे आगे बढ़ती है और आप मे से कुछ लोग ऐसी फिल्मो के अदि नहीं होंगे पर अगर आप इस फिल्म को अंत तक देखते है तो आप बिलकुल भी अफ़सोस नहीं करोगे 

भोंसले स्टार कास्ट

  • Manoj Bajpayee Bhonsle Movie

    मनोज बाजपेयी (गणपाठ भोंसले)

    काम:- नौकरी का एक्सटेंशन करवान

  • Santosh Juvekar Bhonsle Movie

    संतोष जुवेकर (विलास)

    काम:- नेता बनने का ख्वाब देखना

  • Abhishek Banerjee Bhonsle Movie

    अभिषेक बनर्जी (राजेंद्र)

    काम:- बच्चों को गांजा करना

  • Ipshita Chakraborty Singh Bhonsle Movie

    इप्शिता चक्रबोर्ती सिंह (सीता)

    काम:- ________________

  • Virat Vaibhav Bhonsle Movie

    विराट वैभव (लालू)

    काम:- भोंसले को छुप-छुप कर देखना

क्या है कहानी

भोंसले(मनोज बाजपेयी) जो की मुंबई पुलिस मे हवलदार है वो अपनी नौकरी से रिटायर हुए है पर वो चाहते है की उनको नौकरी मे एक्सटेंशन मिल जाए. भोंसले एक मराठी चौल(रामशकले चौल) मे अकेले रहते है और बड़े ही शांत स्वभाव के है. उनकी चौल मे मराठी लोगो के साथ साथ बाहरी प्रदेश के लोग भी रहते है जैसे की बिहार, उत्तर प्रदेश जिनको महाराष्ट्र के लोग भईया भी बोलते है. विलास(संतोष जुवेकर) जो की एक टैक्सी ड्राइवर है और नेता बनने की भी चाह रखता है वो उन बाहरी लोगो से बहुत चिढ़ता है वही गणपति आने का समय है और विलास चाहत है की इस बार वो ही गणपति भिठाये इसी बात को लेके उसकी राजेंद्र(अभिषेक बनर्जी) से कहा सुनी होती रहती है जो की बिहार का रहने वाला है. रामशकले चौल मे एक भाई(लालू) बहन(सीता) रहने आते है जो की भोंसले के पडोसी है एक रात जब सब सो रहे होते है तो राजेंद्र लालू को निचे बुलाता है और उसे जबरजस्ती दिवार पर रंग फिकवाता है जहा मराठी लिखा होता है इस बात को लेकर विलास फिर से हंगामा करता है.

गणपति के दिन जब लालू भोंसले के कमरे मे जाता है तो देखता है की वो वह बेहोश पड़े है वो तभी सब को बुलाता है और अपनी बहन के हॉस्पिटल लेके जाता है जो की वहाँ नर्स है इस हादसे के बाद सीता को पता चलता है की भोंसले को एक भयानक सी बीमारी है उस दिन के बाद भोंसले लालू की मदद करता है दिवार को ठीक करने मे और वो ही दिवार विलास ठीक करने आता है तो देखता है की किसी ने उसे पहले से ही ठीक कर दिया है फिर जो कहानी मे होता है उस के लिए आप फिल्म देखनी पड़े गी जो की आप SonyLiv पर देख सकते हो.

मेरी राय मे भोंसले मूवी कैसी है.

कहानी थोड़ी धीरे-धीरे जरूर चलती है पर ऐसा बिलकुल नहीं की आप ये फिल्म ना देख सके. यह फिल्म आप को सोचने पर मजबूर कर देती की क्या हम लोग अपने ही देश मे परदेसी है. आप लोगो को ये फिल्म कैसी लगी कमेंट मे जरूर बताए

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